Wednesday, November 5, 2025

लक्ष लक्ष ज्योति

त्रिपुरारी पौर्णिमेनिमित्त आज सादर करत आहोत अंतरीच्या दिवाळीची आणखी एक कविता.. लक्ष लक्ष ज्योति

काव्य रचना: सौ. मेधा श्रीश कामत

लक्ष लक्ष ज्योति

आज त्रिपुरारी लावूया लक्ष लक्ष वाती

लखलखले विश्व, लक्ष लक्ष ज्योति

          पणती पहा इवलीशी उजळे प्रकाश

          करी जागृत संवेदना मनामनात संदेश

उजळूनीया दशदिशा तम लोपवी

देई प्रेरणा सकला स्वसामर्थ्ये तोषवी

          भरुनीया वाहे काठोकाठ आनंदे  सरीता

          आसमंत हर्षभरीत आरास ही पाहता

ना चिंतेचा मग मना लवलेश शिवे

जेव्हा विवेके  लावितो लक्ष लक्ष दिवे

          उजळता दिवे रोमरोम होई पुलकित

          प्रकटे नारायण येई अधिक सन्निध

शोभे नभीचा आकाशदीप तेजोमय

अवनीवरी नाचे हर्षॉल्हास आनंदमय

          करी क्रिडा दीपलक्ष्मी देई वरदान  

          सौन्दर्य सृष्टीचे, तेजाची की उधळण

सुसंस्कारे मायपित्याच्या करीतो आम्ही साजरे सण

भक्तित परमपित्याच्या होतो सदा रममाण

-                                                                       --सौ. मेधा श्रीश कामत 

Tuesday, April 9, 2024

तेजोमय गुढीपाडवा

 बुकमाया परिवारातर्फे मराठी वर्षप्रतिपदेच्या आणि गुढीपाडव्याच्या हार्दिक शुभेच्छा! 

ह्या नववर्षारंभानिमित्ताने सादर करत आहोत कविता "तेजोमय गुढीपाडवा"

नव्या पहाटे फाकली नवी उषःप्रभा,

तेजाळत दशदिशा भूवरी उजळीत नभा ||

नववर्षाचे स्वागत करुनि थोरांसी वंदन,

बांधूनी मांगल्याचे दारी तोरण ||

विवेकाची गुढी चढविली अंबरी,

सजविली पताका सदाचाराची घरोघरी ||

नवोदय केला साजरा नववर्षाचा,

सण तेजोमय गुढीपाडवा हर्षोल्हासाचा ||

नव्या पर्वाची आस जनी उत्साह नवा,

गाभारी मनाच्या तम सरो, प्रकाश नवा || 

रुजवूनी प्रेम स्नेह वाढवू नात्यात गोडवा,

गोड ह्या सणाचा आनंद सदा लाभावा ||

जोडोनिया कर दोन्ही ईशचरणी,

तेज सद्भक्तिचे उफाळो केली आळवणी ||


-सौ. मेधा श्रीश कामत

Saturday, March 30, 2024

कविता - रंगपंचमीस साक्ष


रंगपंचमीनिमित्त हार्दिक शुभेच्छांसह सादर करीत आहोत कविता "रंगपंचमीस साक्ष"

रंगपंचमीस साक्ष उभा सत्पुरुष प्रत्यक्ष,
शेला पांघरूनी केशरी फुलांचा पळस वृक्ष || 
गरम हवा उष्ण झळा सोसवेना,
फेरा ऋतुचक्राचा उन्हाळा साहवेना || 
मन होता निरस विषण्ण उदास,
उन्हामाजी उभा पळस प्रफुल्लीत करी त्यास || 
केशरी उधळण अहा फुलांची आरास, 
पाहता पळस असा पळे हो आळस || 
उत्सव होळीचा रंगपंचम करीतसे दंग,
केशरी कुसुमांचा पळसाच्या, बनविता रंग || 
झळाळी पाहता ही आनंदती लोचन,
हरखूनी नाचे मन होऊनी उन्मन || 
देवाजीची किमया सारी सोनसळा तेजोमय,
दिव्यत्व वातावरणी उजळे ज्योतिर्मय || 
                 - सौ. मेधा श्रीश कामत

Friday, July 14, 2023

 बुकमाया परिवारातर्फे सर्व भारतीय युवा मित्रमंडळींना जागतिक युवा कौशल्य दिनाच्या खूप खूप हार्दिक शुभेच्छा! 

घ्या ध्यास 

लाभले चैतन्यमयी हे यौवन जीवनी 

युवकानो सारे या रे पुढे सरसावूनी! 

नाही जरी गुरुजी, नाही शिक्षक

नाही अभ्यासिका, शिबीर, वर्ग 

किडे मकोडे माशी अवतीभवती विहंग 

बांधिती घरटी कौशल्ये घांदल लगबग!

नाही लाभली दहा बोटे, दोन हात 

परि कौशल्य लाविती पणास तेही बुद्धिवंत

गळा दिधला देवाजीने अमृतवाणी 

युवकानो विलसे करी माय सरस्वती 

तुम्ही शिल्पकार जीवनाचे घडविता देवाजीला 

दान दिले भरभरुनी बुद्धीकौशल्य ज्याने तुम्हाला! 

फडकेल ध्वज विजयाचा तुमच्या त्रिखंडात 

ज्ञानसंस्कारे दिग्गजांच्या, तुमचा होईल जयजयकार!

यशोशिखराच्या दिव्यांची अहा आरास 

खुणाविते पहा करी लुकलुक, घ्या ध्यास!  


  • सौ. मेधा श्रीश कामत

Wednesday, January 26, 2022

बुकमाया परिवारातर्फे सर्वाना ७३व्या भारतीय प्रजासत्ताक दिनानिमित्त हार्दिक शुभेच्छा!!


साभार छायाचित्र: Jpoonnolly at en.wikipedia ह्यांच्या सौजन्याने 


जय भारता जय भारता
 
जय भारता जय भारता 
                    सुजलाम् सुफलाम् भारता 
वाढवू शान तुझी सर्वदा 
                     जय भारता जय भारता 
 गाऊ विजयगान आम्ही सदा 
                    जय भारता जय भारता 
 स्वातंत्र्यसूर्य तळपत राहो त्रिकाल 
                     जय भारता जय भारता 
 चिरकाल अशरण ध्वज हा झळको तिरंगा 
                     जय भारता जय भारता 
 नाही धर्म-जातिभेद येथे 
                     जय भारता जय भारता 
 एक पंथ एक जात “भारतीय” आम्ही 
                     जय भारता जय भारता 
 नररत्ने वीररत्ने प्रसवली कुशीत 
                     जय भारता जय भारता 
 करू साजरा अमृत सोहळा हा 
                     जय भारता जय भारता 
 कलागुणी बुद्धिवंत राखती विश्वी बहुमान 
                     जय भारता जय भारता 
 विजय गान हे देई धैर्य, देई स्फूर्ति 
                     जय भारता जय भारता 
जयहिंद !!!                             


© सौ. मेधा श्रीश कामत